प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पुणे मेट्रो की करीब 21,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, लेकिन उनके भाषण की सबसे बड़ी सुर्खी मेट्रो से आगे की रही। मोदी ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी है और सबसे तेज़ी से गरीबी घटाने वाला देश भी। उन्होंने विश्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि 10-12 साल में 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं। यह जानकारी PIB ने दी।
पुणे मेट्रो कार्यक्रम: मुख्य बातें
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 3 नवंबर 2026, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से |
| कुल परियोजनाएं | करीब ₹21,800 करोड़ |
| उद्घाटन | पुणे मेट्रो लाइन 3 (पिंक लाइन), लागत ₹8,300 करोड़ से ज़्यादा, करीब 23 किमी |
| शिलान्यास | फेज़-II: लाइन 2A, 2B, 4 और 4A, अनुमानित लागत करीब ₹13,500 करोड़ |
| मौजूद नेता | राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे |
| पीएम का बड़ा दावा | 50 करोड़ भारतीय अत्यधिक गरीबी से बाहर (विश्व बैंक रिपोर्ट के हवाले से) |

“पहले गरीबी से लड़ाई सिर्फ नारों में थी”: मोदी
प्रधानमंत्री ने बिना किसी दल का नाम लिए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले गरीबी के खिलाफ लड़ाई सिर्फ नारों में होती थी, जबकि आज भारत ज़मीन पर गरीबी को हरा रहा है। उनके मुताबिक तेज़ आर्थिक विकास और गरीबी में कमी, दोनों उपलब्धियां एक-दूसरे से जुड़ी हैं: बढ़ती अर्थव्यवस्था से बजट बढ़ता है, जिससे सरकार ज़्यादा सार्वजनिक निवेश कर पाती है, और जो पैसा पहले घोटालों व लीकेज में चला जाता था वह अब सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।
मोदी ने गरीबों के घर, शौचालय, हर घर जल और रसोई गैस कनेक्शन जैसी योजनाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन सुविधाओं ने लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाया और रोज़ का कीमती समय बचाया, जिसका इस्तेमाल अब परिवार अतिरिक्त कमाई में कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गरीबी घटने से एक नया मध्यम वर्ग बन रहा है, जिसकी खरीद क्षमता बाज़ार की मांग बढ़ाकर अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दे रही है।
25 साल सरकार चलाने और गरीब कल्याण मेलों की याद
प्रधानमंत्री ने पिछले महीने सरकार के मुखिया के तौर पर 25 साल पूरे होने का ज़िक्र किया। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते शुरू किए गए गरीब कल्याण मेलों को याद किया, जहां लाभार्थियों को मंच पर बुलाकर गरीबी को हराने का संकल्प दिलाया जाता था। मोदी ने कहा कि यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि सालों की सोची-समझी कोशिश का नतीजा है, “इसलिए 50 करोड़ भारतीयों ने गरीबी को हराया है।”

महाराष्ट्र के किसानों को भरोसा, फडणवीस सरकार की तारीफ
भाषण में प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र में खराब मौसम और प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे किसान परिवारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में बीते सालों में जल संरक्षण का बड़ा काम हुआ है, फिर भी किसान इस समय मुश्किल में हैं। मोदी ने सूखे की स्थिति, राज्य सरकार की अग्रिम सहायता और पीएम किसान की राशि भेजे जाने का ज़िक्र करते हुए कहा, “बिल्कुल चिंता मत कीजिए, हम सब किसानों के साथ हैं।” उन्होंने दिवाली के मौके पर लोगों से सूखा-प्रभावित परिवारों को याद रखने की अपील की।
पिंक लाइन और फेज़-II: पुणे को क्या मिला
पीएमओ के मुताबिक करीब 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन (लाइन 3) माण से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक जाती है और हिंजवडी आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ती है। यह पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों से चलने वाली अपनी तरह की पहली लाइन होगी, और इसकी करीब 30 प्रतिशत बिजली ज़रूरत सौर ऊर्जा से पूरी करने की योजना है। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह कॉरिडोर सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी (PPP मॉडल) से बना है।
- लाइन 2A: वनाज़ से चांदनी चौक
- लाइन 2B: रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी (2A और 2B मिलाकर करीब 12.75 किमी)
- लाइन 4: खराडी से खडकवासला, करीब 25.52 किमी
- लाइन 4A: नल स्टॉप से माणिक बाग, 6.12 किमी

मेट्रो नेटवर्क पर सरकार के आंकड़े
मोदी ने कहा कि पिछले 12 साल में भारत का मेट्रो नेटवर्क 26 शहरों में करीब 1,200 किलोमीटर तक पहुंच गया है, जिसमें रोज़ एक करोड़ से ज़्यादा लोग सफर करते हैं, और यह दुनिया के शीर्ष तीन मेट्रो नेटवर्क में गिना जाता है। उनके मुताबिक 2014 में महाराष्ट्र में सिर्फ 10-11 किमी मेट्रो चलती थी, अब करीब 175 किमी चल रही है और 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के निवेश से 680 किमी से अधिक पर काम जारी है। उन्होंने फरवरी में मंज़ूर अर्बन चैलेंज फंड (एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता) का ज़िक्र करते हुए छोटे शहरों को “ग्रोथ हब” बनाने की बात कही। ये सभी आंकड़े सरकार के बताए हुए हैं।
सियासी मायने
यह भाषण ऐसे समय आया है जब विपक्ष SIR (मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण) और दूसरे मुद्दों पर केंद्र को घेर रहा है और सत्ता पक्ष भी पलटवार कर रहा है (अमित शाह की हैदराबाद पदयात्रा देखें)। विकास परियोजनाओं के मंच से गरीबी घटाने, “नारों बनाम ज़मीन” और किसानों के साथ खड़े होने का संदेश देकर प्रधानमंत्री ने आर्थिक रिकॉर्ड को राजनीतिक जवाब की तरह पेश किया। एक दिन पहले उन्होंने भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट में भी बड़े लक्ष्यों की बात की थी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
पीएम मोदी ने पुणे में कितनी राशि की परियोजनाएं शुरू कीं?
प्रधानमंत्री ने 3 नवंबर 2026 को करीब ₹21,800 करोड़ की पुणे मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें ₹8,300 करोड़ से ज़्यादा की पिंक लाइन और करीब ₹13,500 करोड़ का फेज़-II शामिल है।
मोदी ने गरीबी पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि भारत सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और सबसे तेज़ी से गरीबी घटाने वाला देश है, और विश्व बैंक की रिपोर्ट के हवाले से 10-12 साल में 50 करोड़ लोगों के अत्यधिक गरीबी से बाहर आने का दावा किया।
पुणे मेट्रो पिंक लाइन की खास बात क्या है?
करीब 23 किमी की यह लाइन माण से डिस्ट्रिक्ट कोर्ट तक है, हिंजवडी आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ती है और इसे पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटर चलाएंगी।
कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
स्रोत
- PIB (प्रधानमंत्री कार्यालय): PM inaugurates and lays foundation stone of Pune Metro projects worth around ₹21,800 crore (3 नवंबर 2026)
- PIB: English rendering of PM’s address, Pune Metro projects (3 नवंबर 2026)
- PMO (pmindia.gov.in): पुणे मेट्रो परियोजनाओं का विवरण (2 नवंबर 2026)
- तस्वीरें: PIB / PMO की आधिकारिक तस्वीरें








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