ब्रेकिंग
फाइनेंसताज़ा

Lupin Q2 FY27 नतीजे: बिक्री 14% बढ़कर ₹7,786 करोड़, लेकिन मुनाफा 22% घटकर ₹1,155 करोड़; बढ़ते खर्च से मार्जिन पर दबाव

दवा कंपनी ल्यूपिन की Q2 FY27 बिक्री 14% बढ़कर ₹7,785.5 करोड़ रही, पर कर्मचारी व मैन्युफैक्चरिंग खर्च बढ़ने से शुद्ध मुनाफा 22.2% घटकर ₹1,155.3 करोड़ रह गया। भारत में बिक्री 14.7% और अमेरिका में 9.3% बढ़ी।

ल्यूपिन की लैब में सुरक्षा सूट पहने वैज्ञानिक मशीन की जांच करते हुए
फोटो: Lupin (आधिकारिक)

मुख्य बातें

  • Lupin Q2 FY27 नतीजे: एक नज़र में
  • बिक्री बढ़ी, फिर मुनाफा क्यों घटा?
  • किस बाज़ार से कितनी कमाई
  • अमेरिका: 149 जेनेरिक दवाएं, 3 नई मंज़ूरियां

देश की बड़ी दवा कंपनी ल्यूपिन लिमिटेड (Lupin) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर, Q2 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की बिक्री सालाना आधार पर 14% बढ़कर ₹7,785.5 करोड़ पहुंच गई, लेकिन बढ़ती लागत की वजह से शुद्ध मुनाफा (PAT) 22.2% घटकर ₹1,155.3 करोड़ रह गया। EBITDA मार्जिन भी 35.6% से फिसलकर 27.9% पर आ गया। ये आंकड़े कंपनी ने अपनी आधिकारिक प्रेस रिलीज़ में बताए हैं, जिसे बोर्ड बैठक में मंज़ूरी दी गई।

Lupin Q2 FY27 नतीजे: एक नज़र में

मदQ2 FY27Q2 FY26बदलाव
बिक्री (Sales)₹7,785.5 करोड़₹6,831.4 करोड़+14.0%
EBITDA₹2,171.2 करोड़₹2,431.3 करोड़-10.7%
EBITDA मार्जिन27.9%35.6%-770 bps
टैक्स से पहले मुनाफा (PBT)₹1,579.6 करोड़₹2,007.0 करोड़-21.3%
शुद्ध मुनाफा (PAT)₹1,155.3 करोड़₹1,484.8 करोड़-22.2%
R&D खर्च₹618.1 करोड़ (बिक्री का 7.9%)₹522.2 करोड़+18.4%

नोट: कंपनी ने आंकड़े मिलियन रुपये (INR Mn) में दिए हैं; यहां आसानी के लिए करोड़ में बदला गया है (10 मिलियन = 1 करोड़)। पिछली तिमाही (Q1 FY27) के मुकाबले बिक्री 5.3% और मुनाफा 18.5% कम रहा।

ल्यूपिन Q2 FY27 बिक्री का बाज़ारवार बंटवारा: अमेरिका 39%, भारत 31%, अन्य विकसित बाज़ार 15%
ग्राफिक: Lupin (आधिकारिक प्रेस रिलीज़)

बिक्री बढ़ी, फिर मुनाफा क्यों घटा?

प्रेस रिलीज़ के आंकड़ों से साफ है कि मुनाफे पर दबाव लागत की वजह से आया। कर्मचारियों पर खर्च सालाना 28.8% बढ़कर ₹1,423.6 करोड़ हो गया, जो बिक्री का 18.3% है। मैन्युफैक्चरिंग और दूसरे खर्च 23.2% बढ़कर ₹2,438.1 करोड़ पहुंचे। डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन 53.4% उछलकर ₹485.9 करोड़ रहा। इसके अलावा “अन्य ऑपरेटिंग आय” ₹216.1 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹41.8 करोड़ रह गई और विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) से होने वाला फायदा भी पिछले साल से कम रहा।

अच्छी बात यह रही कि ग्रॉस प्रॉफिट 15.4% बढ़कर ₹5,777.4 करोड़ रहा और ग्रॉस मार्जिन 74.2% पर मज़बूत बना रहा। यानी दवाओं की बिक्री से कमाई ठीक रही, पर ऊपर के खर्चों ने मुनाफे को खा लिया।

किस बाज़ार से कितनी कमाई

बाज़ारQ2 FY27 बिक्रीसालाना बदलावकुल बिक्री में हिस्सा
अमेरिका (U.S.)₹3,020.2 करोड़+9.3%39%
भारत₹2,383.6 करोड़+14.7%31%
अन्य विकसित बाज़ार₹1,182.3 करोड़+45.7%15%
उभरते बाज़ार₹890.8 करोड़-3.5%11%
API (कच्चा माल)₹308.6 करोड़+20.2%4%

अमेरिका: 149 जेनेरिक दवाएं, 3 नई मंज़ूरियां

अमेरिका में बिक्री डॉलर में 317 मिलियन डॉलर रही (पिछले साल 314 मिलियन डॉलर)। तिमाही में कंपनी को अमेरिकी FDA से 4 ANDA और 1 NDA 505(b)(2) मंज़ूरी मिली और एक नया प्रोडक्ट लॉन्च हुआ। ल्यूपिन के अब अमेरिका में 149 जेनेरिक प्रोडक्ट हैं। कंपनी के मुताबिक IQVIA के आंकड़ों में वह प्रिस्क्रिप्शन के हिसाब से अमेरिकी जेनेरिक बाज़ार में तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है।

भारत: 5 नए ब्रांड, 8वीं सबसे बड़ी कंपनी

घरेलू बाज़ार में बिक्री 14.7% बढ़ी। कंपनी ने तिमाही में अलग-अलग थेरेपी में 5 नए ब्रांड लॉन्च किए और IQVIA (MAT सितंबर 2026) के मुताबिक वह भारतीय दवा बाज़ार में 8वें नंबर पर है। अन्य विकसित बाज़ारों (जैसे यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया) में 45.7% की तेज़ बढ़त सबसे बड़ी सकारात्मक बात रही, जबकि उभरते बाज़ारों में बिक्री 3.5% घटी।

ल्यूपिन के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश गुप्ता
फोटो: Lupin मीडिया किट (आधिकारिक)

MD नीलेश गुप्ता ने क्या कहा

ल्यूपिन के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश गुप्ता ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही मज़बूत रखी, जिसमें प्रमुख बाज़ारों में अच्छी ग्रोथ और लगातार मुनाफा शामिल है। उन्होंने माना कि निकट भविष्य की चुनौतियों पर कंपनी की नज़र है, लेकिन मज़बूत पोर्टफोलियो, R&D और कमर्शियल क्षमताओं में निवेश और अनुशासित अमल के दम पर लंबी अवधि की ग्रोथ को लेकर वह आश्वस्त हैं।

बैलेंस शीट: कंपनी पर शुद्ध कर्ज़ नहीं

  • 30 सितंबर 2026 को नेट डेट माइनस ₹3,349 करोड़ रहा, यानी कंपनी के पास कर्ज़ से ज़्यादा नकदी है (नेट डेट-इक्विटी -0.14)।
  • तिमाही में पूंजीगत खर्च (Capex) ₹223 करोड़ रहा।
  • ऑपरेटिंग वर्किंग कैपिटल ₹7,542 करोड़ और ऑपरेटिंग डेज़ 87 दिन रहे।
  • अमेरिकी FDA के पास कुल 429 ANDA फाइलिंग, जिनमें 353 को मंज़ूरी मिल चुकी है; 48 फर्स्ट-टू-फाइल (21 एक्सक्लूसिव) मौके।
ल्यूपिन प्रेस रिलीज़ का आधिकारिक बैनर, मेज़ पर अखबार और माइक
फोटो: Lupin (आधिकारिक)

निवेशकों के लिए क्या मायने

नतीजों में दो तस्वीरें हैं: एक ओर बिक्री, भारत और विकसित बाज़ारों में अच्छी ग्रोथ और बिना कर्ज़ वाली बैलेंस शीट; दूसरी ओर बढ़ते खर्च और घटता मार्जिन। तिमाही-दर-तिमाही अमेरिकी बिक्री में 12.1% की गिरावट पर भी बाज़ार की नज़र रहेगी। शेयर पर असर बाज़ार खुलने के बाद ही साफ होगा। यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, निवेश की सलाह नहीं; कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से बात करें। बाज़ार की ताज़ा चाल के लिए 3 नवंबर को सेंसेक्स-निफ्टी का हाल और Q2 नतीजों की दूसरी बड़ी खबर रिलायंस के रिकॉर्ड मुनाफे पर हमारी रिपोर्ट पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Lupin का Q2 FY27 में मुनाफा कितना रहा?

ल्यूपिन का शुद्ध मुनाफा (PAT) Q2 FY27 में ₹11,553 मिलियन यानी करीब ₹1,155 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही से 22.2% कम है।

Lupin की बिक्री कितनी बढ़ी?

बिक्री 14% बढ़कर ₹77,855 मिलियन (करीब ₹7,786 करोड़) रही। भारत में 14.7% और अमेरिका में 9.3% की बढ़त रही।

मुनाफा घटने की मुख्य वजह क्या है?

कर्मचारी खर्च 28.8%, मैन्युफैक्चरिंग व अन्य खर्च 23.2% और डेप्रिसिएशन 53.4% बढ़ा, जबकि अन्य ऑपरेटिंग आय और फॉरेक्स फायदा कम रहा। इससे EBITDA मार्जिन 27.9% पर आ गया।

क्या ल्यूपिन पर कर्ज़ है?

30 सितंबर 2026 को कंपनी का नेट डेट माइनस ₹3,349 करोड़ था, यानी उसके पास कर्ज़ से ज़्यादा नकदी है।

स्रोत

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

अगली खबर › सेंसेक्स 1,225 अंक उछला, निफ्टी 23,810 पर बंद: FII ने 2026 की सबसे बड़ी ₹6,837 करोड़ की खरीद की, FMCG में 3.6% की तेज़ी

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

और विषय पढ़ें

टिप्पणियाँ

अपनी राय दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

WhatsApp पर शेयर करें