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राहुल गांधी की PM मोदी को खुली बहस की चुनौती, सीतारमण बोलीं- संसद ही मंच; रायपुर से अमित शाह का भी पलटवार

राहुल गांधी ने 3 नवंबर को नए वीडियो में PM मोदी को किसी भी मंच पर खुली बहस की चुनौती दोहराई। वित्त मंत्री सीतारमण ने जवाब दिया कि बहस का मंच संसद है, जबकि अमित शाह ने रायपुर से राहुल पर निशाना साधा।

प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हुए वीडियो में बोलते राहुल गांधी
वीडियो ग्रैब: राहुल गांधी (आधिकारिक X अकाउंट)

मुख्य बातें

  • एक नज़र में: अब तक क्या हुआ
  • राहुल गांधी की चुनौती: "डरिए मत, कोई भी मंच चुन लीजिए"
  • किन मुद्दों पर बहस चाहते हैं राहुल
  • निर्मला सीतारमण का पलटवार: "मांगने वाले को जवाब सुनना भी पड़ता है"

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच “खुली बहस” का मुद्दा अब सीधी सियासी जंग बन गया है। राहुल ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर नया वीडियो जारी कर दोबारा चुनौती दी कि प्रधानमंत्री कोई भी मंच चुन लें और उनसे आमने-सामने बहस करें। देर रात वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने X पर जवाब दिया कि बहस की जगह पहले से तय है: संसद, जहां राहुल खुद नेता प्रतिपक्ष हैं। उसी रात गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर से राहुल के आचरण पर निशाना साधा।

एक नज़र में: अब तक क्या हुआ

तारीखघटनाक्रम
31 अक्टूबरप्रधानमंत्री के भाषण में विपक्ष पर विदेशी ताकतों से जुड़ाव का आरोप (रिपोर्ट्स के अनुसार)
2 नवंबरराहुल गांधी ने पहली बार PM को खुली बहस की चुनौती दी; अमित शाह ने SIR और EVM पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की पेशकश की
3 नवंबर, शामराहुल का नया वीडियो: “24 घंटे हो गए मोदी जी”, कोई भी मंच चुनने की चुनौती
3 नवंबर, रातराहुल ने X पर पोल डाला, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और योगी आदित्यनाथ को टैग किया
3 नवंबर, देर रातसीतारमण का जवाब: “बहस की जगह संसद है”; अमित शाह का रायपुर से हमला
4 नवंबरराहुल गांधी पंजाब के संगरूर (भवानीगढ़) में रैली को संबोधित करेंगे (कांग्रेस के अनुसार)
हाथ में गुलाब लेकर वीडियो संदेश देते राहुल गांधी
वीडियो ग्रैब: राहुल गांधी (आधिकारिक X अकाउंट)

राहुल गांधी की चुनौती: “डरिए मत, कोई भी मंच चुन लीजिए”

करीब दो मिनट के वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि चुनौती दिए 24 घंटे बीत चुके हैं और प्रधानमंत्री ने अब तक जवाब नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष को देशद्रोही और विदेशी ताकतों से जुड़ा बताया जा रहा है, तो इस पर खुली बहस हो जाए कि “देशद्रोही कौन है” और “विदेशी फोर्सेस का कनेक्शन किसका है”। राहुल ने कहा कि बहस किसी भी स्टेज पर हो सकती है, मीडिया और देश के युवाओं की मौजूदगी में, और फैसला कोई भी निष्पक्ष व्यक्ति कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने यहां तक कहा कि जज RSS प्रमुख मोहन भागवत भी हों तो उन्हें आपत्ति नहीं।

किन मुद्दों पर बहस चाहते हैं राहुल

  • देश की आर्थिक व्यवस्था और वित्तीय हालात
  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील, जिसे राहुल ने बिना कैबिनेट को भरोसे में लिए जल्दबाज़ी में करने का आरोप लगाया
  • अडानी से जुड़ा मामला और उसका बंद होना
  • एपस्टीन फाइल्स से जुड़े आरोप

इसके बाद राहुल ने X पर एक पोल भी डाला, जिसमें लोगों से पूछा गया कि क्या वे मोदी और राहुल की बहस देखना चाहते हैं। विकल्प थे: “हां, मोदी जी डरो मत” और “नहीं, मोदी जी डर गए”। इस पोस्ट में उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग कर प्रधानमंत्री को मनाने की अपील की। चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट पर राहुल के पिछले हमलों के बारे में आप रामलीला मैदान रैली की हमारी रिपोर्ट में पढ़ सकते हैं।

बहस की चुनौती वाले वीडियो में खड़े होकर बात करते राहुल गांधी
वीडियो ग्रैब: राहुल गांधी (आधिकारिक X अकाउंट)

निर्मला सीतारमण का पलटवार: “मांगने वाले को जवाब सुनना भी पड़ता है”

वित्त मंत्री सीतारमण ने लंबी पोस्ट में लिखा कि राहुल प्रधानमंत्री से बहस की जगह चुनने को कह रहे हैं, जबकि जगह पहले से है: संसद, जहां वे नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्होंने याद दिलाया कि गृह मंत्री अमित शाह ने एक दिन पहले ही SIR और EVM पर विशेष सत्र की पेशकश की है, फिर राहुल वैसा उत्साह संसद में बहस के लिए क्यों नहीं दिखाते जैसा सोशल मीडिया पर चुनौती देने में दिखाते हैं। शाह की उस पेशकश की पूरी खबर यहां पढ़ें।

सीतारमण ने कहा कि “जवाब मांगने के साथ उन्हें सुनने की ज़िम्मेदारी भी आती है”। उनका आरोप था कि कई बार सरकार जब विपक्ष के आरोपों का जवाब दे रही थी, तब कांग्रेस सदन से वॉकआउट कर गई, और INDIA गठबंधन के हंगामे से पूरी-पूरी बैठकें धुल गईं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई “मॉक पार्लियामेंट” पर तंज कसते हुए उन्होंने इसे “मॉक पार्लियामेंट से ज़्यादा संसद का मज़ाक” बताया।

अंत में उन्होंने लिखा कि आरोपों की लंबी सूची से केस मज़बूत नहीं होता, ठोस आरोप और सबूत लाइए। राहुल के ही शब्द दोहराते हुए उन्होंने कहा: “आप कहते हैं डरो मत, तो तथ्य लाइए, जांच का सामना कीजिए और जवाब सुनने के लिए रुकिए।”

अमित शाह ने रायपुर से साधा निशाना

गृह मंत्री अमित शाह 3 नवंबर को छत्तीसगढ़ के रायपुर में थे, जहां राज्योत्सव के समापन से जुड़े कार्यक्रम हुए। राज्योत्सव समापन और राज्य अलंकरण की खबर हम दे चुके हैं। रात में शाह ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर रायपुर के भाषण का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “हाथ में संविधान लेकर घूमने वाले राहुल गांधी का अपना आचरण ही असंवैधानिक है”। रिपोर्ट्स के मुताबिक शाह ने दोहराया कि सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा को तैयार है और विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए।

रायपुर के कार्यक्रम में मंच से संबोधित करते गृह मंत्री अमित शाह
वीडियो ग्रैब: अमित शाह (आधिकारिक X अकाउंट)

संसद बनाम खुला मंच

भारत में प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के बीच अमेरिका जैसी टीवी डिबेट की परंपरा नहीं रही है, इसलिए यह टकराव फिलहाल सियासी संदेश की लड़ाई ज़्यादा है। चुनाव आयोग पर विपक्ष के रुख के लिए खड़गे के बयान वाली रिपोर्ट देखें।

रायपुर में अमित शाह के कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद नेता
वीडियो ग्रैब: अमित शाह (आधिकारिक X अकाउंट)

आगे क्या

राहुल गांधी आज, 4 नवंबर को पंजाब के संगरूर ज़िले के भवानीगढ़ में रैली करने वाले हैं, जहां इस मुद्दे के फिर उठने की संभावना है। संसद का अगला सत्र और शाह की विशेष सत्र वाली पेशकश पर सरकार क्या औपचारिक कदम उठाती है, इस पर नज़र रहेगी। कोई नया आधिकारिक बयान आने पर यह खबर अपडेट की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को कौन-सी चुनौती दी है?

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को किसी भी मंच पर, मीडिया और युवाओं के सामने खुली बहस की चुनौती दी है, ताकि विदेशी ताकतों से जुड़ाव के आरोप, भारत-अमेरिका ट्रेड डील, अडानी मामले और एपस्टीन फाइल्स पर आमने-सामने बात हो।

निर्मला सीतारमण ने क्या जवाब दिया?

सीतारमण ने कहा कि बहस का मंच पहले से है, यानी संसद, जहां राहुल नेता प्रतिपक्ष हैं। उन्होंने वॉकआउट और हंगामे पर सवाल उठाए और ठोस आरोप व सबूत लाने को कहा।

अमित शाह ने क्या कहा?

रायपुर से जारी पोस्ट में अमित शाह ने कहा कि हाथ में संविधान लेकर घूमने वाले राहुल गांधी का अपना आचरण ही असंवैधानिक है। इससे एक दिन पहले उन्होंने SIR और EVM पर संसद के विशेष सत्र की पेशकश की थी।

क्या प्रधानमंत्री ने चुनौती का जवाब दिया है?

रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक प्रधानमंत्री मोदी ने इस चुनौती पर सीधे कोई जवाब नहीं दिया है; भाजपा की तरफ से मंत्री और नेता जवाब दे रहे हैं।

स्रोत

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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