फीचर्ड इमेज: चंडीगढ़ पुलिस के हीरक जयंती समारोह में राष्ट्रपति निशान (President’s Colour) प्रदान करते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह। फोटो: अमित शाह का आधिकारिक X अकाउंट।
चंडीगढ़ के लिए 1 नवंबर 2026 का दिन दोहरी खुशी लेकर आया। इसी तारीख को 1966 में चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश बना था और इसी दिन चंडीगढ़ पुलिस की स्थापना भी हुई थी। 60 साल पूरे होने पर पुलिस लाइंस में हुए हीरक जयंती समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्य अतिथि के रूप में चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति निशान से अलंकृत किया। यह किसी भी पुलिस बल को मिलने वाला सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है।
पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की विज्ञप्ति के मुताबिक समारोह में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसी दौरे में शाह ने चंडीगढ़ प्रशासन की 258 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, पुलिस के बेड़े में 141 नए वाहन शामिल किए और शहर को देश का पहला नशामुक्त शहर बनाने का लक्ष्य रखा। मंच से उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। पढ़ें पूरी खबर।

एक नजर में: चंडीगढ़ में अमित शाह के दौरे की बड़ी बातें
- राष्ट्रपति निशान: 60 साल पूरे होने पर चंडीगढ़ पुलिस को सर्वोच्च सम्मान
- दोष सिद्धि दर: नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद 85%, औसतन 140 दिन में फैसला
- NDPS मामले: नशे से जुड़े मामलों में 93% आरोपियों को सजा
- ऑनलाइन चार्जशीट: 4 अगस्त 2024 से अब तक दर्ज 8,206 FIR में से 7,590 में ऑनलाइन चार्जशीट
- नए वाहन: करीब 5 करोड़ रुपये की लागत के 141 वाहन पुलिस बेड़े में शामिल
- विकास परियोजनाएं: 258 करोड़ रुपये के कामों का लोकार्पण और शिलान्यास
- AI कैमरे: केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को 2,152 AI-सक्षम CCTV कैमरे दिए
राष्ट्रपति निशान क्या है और चंडीगढ़ पुलिस को क्यों मिला
राष्ट्रपति निशान (President’s Colour) किसी सैन्य या पुलिस बल को उसकी लंबी, अनुशासित और उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया जाने वाला विशेष ध्वज है। गृह मंत्री ने बताया कि यह सम्मान कम से कम 15 साल से अधिक की सेवा और जवानों के अनुशासन व समर्पण को देखकर दिया जाता है। शाह ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस को मिला यह सम्मान बल की छह दशकों की सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता की पहचान है।
उन्होंने याद दिलाया कि जब देश आतंकवाद के दौर से गुजर रहा था, तब शिवालिक की तलहटी में बसा चंडीगढ़ भी इससे अछूता नहीं रहा। उस कठिन समय में चंडीगढ़ पुलिस ने अदम्य साहस दिखाया और न सिर्फ शहर, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई। आज 6,000 से ज्यादा जवानों वाला यह बल हरियाणा और पंजाब पुलिस के साथ तालमेल से पूरे ट्राइसिटी क्षेत्र को संभालता है।

“तारीख पे तारीख” से 140 दिन में सजा तक
अमित शाह ने तीन नए आपराधिक कानूनों (भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम) के असर को चंडीगढ़ के आंकड़ों से समझाया। PIB के अनुसार उन्होंने कहा कि कभी “तारीख पे तारीख” के लिए बदनाम न्याय व्यवस्था को चंडीगढ़ ने बदल दिया है। यहां अब 85% मामलों में दोष सिद्धि हो रही है और आरोपी को सजा दिलाने में औसतन सिर्फ 140 दिन लग रहे हैं।
गृह मंत्री के मुताबिक 4 अगस्त 2024 से अब तक चंडीगढ़ में 8,206 FIR दर्ज हुईं, जिनमें से 7,590 मामलों में ऑनलाइन चार्जशीट दाखिल की गई, जो एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल देश के सभी पुलिस बलों के लिए उदाहरण है कि नए कानूनों को सही तरीके से लागू किया जाए तो 85% अपराधियों को सजा दिलाई जा सकती है। याद रहे कि नए आपराधिक कानूनों का शुभारंभ भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चंडीगढ़ से ही किया था।
नशामुक्त चंडीगढ़ का लक्ष्य और बीट पुलिसिंग मॉडल
शाह ने कहा कि पंजाब के पास होने के बावजूद देश में अगर कोई क्षेत्र सबसे पहले नशामुक्त बनेगा तो वह चंडीगढ़ होगा। नए कानूनों के बाद NDPS मामलों में चंडीगढ़ पुलिस ने 93% आरोपियों को सजा दिलाई है। उन्होंने पुलिस से अपील की कि नशे के खिलाफ लड़ाई को सबसे ऊपर रखें, क्योंकि युवा पीढ़ी को नशे से मुक्त किए बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता।
गृह मंत्री ने चंडीगढ़ के बीट पुलिसिंग ऐप की भी तारीफ की, जिसकी वजह से नागरिकों को कई सेवाओं के लिए थाने नहीं जाना पड़ता। उनके अनुसार चंडीगढ़ पुलिस का क्विक रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट है और औसतन 4 मिनट में पुलिस मौके पर पहुंच जाती है। रिस्पॉन्स टाइम के मामले में यह बल अभी देश में दूसरे नंबर पर है और शाह ने भरोसा जताया कि 141 नए वाहनों के साथ अगले साल यह पहले स्थान पर होगा।

जवानों के लिए कल्याण योजनाएं और खेल में पदक
PIB विज्ञप्ति के अनुसार चंडीगढ़ पुलिस ने ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में अब तक 145 पदक जीते हैं, जिनमें 35 स्वर्ण, 38 रजत और 72 कांस्य शामिल हैं। शहीद या दिवंगत पुलिसकर्मियों की 130 विधवाओं के परिवारों को हर महीने 8,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है और करीब 2.25 करोड़ रुपये की शिक्षा व खेल छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। समारोह में शाह ने उत्कृष्ट सेवा देने वाले पुलिसकर्मियों को पदक दिए और बल की 60 साल की यात्रा पर लगी प्रदर्शनी भी देखी।
258 करोड़ की परियोजनाएं: शिक्षा, खेल, सुरक्षा और परिवहन
दूसरे कार्यक्रम में शाह ने केंद्रशासित प्रदेश के रूप में चंडीगढ़ के 60 साल पूरे होने पर प्रशासन की 258 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा कि शिक्षा, खेल, सुरक्षा और परिवहन से जुड़े ये काम चंडीगढ़वासियों का जीवन आसान बनाएंगे और युवाओं की खेल प्रतिभा को नई ऊर्जा देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चंडीगढ़ आने वाले दिनों में देश की नंबर एक प्रशासनिक इकाई बनकर उभरेगा।

मंच से कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना
चंडीगढ़ के कार्यक्रम में शाह ने राजनीतिक हमला भी किया। DD News के मुताबिक उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए 1 नवंबर को दिल्ली में रैली करने के लिए कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना की। शाह ने कहा, “अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो उन्हें पूरी जिंदगी मॉक पार्लियामेंट में बितानी चाहिए, असली संसद में उनकी बारी कभी नहीं आएगी।” गौरतलब है कि इसी दिन कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में “वोट बचाओ, देश बचाओ” रैली की थी, जिसकी खबर आप यहां पढ़ सकते हैं। कांग्रेस ने रैली को लोकतंत्र बचाने का आंदोलन बताया है, जबकि भाजपा ने इसे फ्लॉप शो कहा।

FAQ
चंडीगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति निशान कब और किसने दिया?
1 नवंबर 2026 को चंडीगढ़ पुलिस के हीरक जयंती (60 साल) समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह सम्मान प्रदान किया।
चंडीगढ़ में दोष सिद्धि दर कितनी है?
गृह मंत्री के अनुसार नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद 85% और NDPS मामलों में 93%। सजा दिलाने में औसतन 140 दिन लग रहे हैं।
पुलिस बेड़े में कितने नए वाहन जुड़े?
करीब 5 करोड़ रुपये की लागत के 141 नए वाहन, जिन्हें शाह ने हरी झंडी दिखाई।
चंडीगढ़ केंद्रशासित प्रदेश कब बना?
1 नवंबर 1966 को, जब इसे पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी भी बनाया गया।
यह भी पढ़ें: रामलीला मैदान में राहुल गांधी की रैली | सरदार पटेल जयंती पर अमित शाह का कांग्रेस पर हमला | 1 नवंबर की रैली और 1984 विवाद
स्रोत
- पत्र सूचना कार्यालय (PIB), गृह मंत्रालय, रिलीज आईडी 2331193 (1 नवंबर 2026, शाम 4:30 बजे): pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2331193
- अमित शाह का आधिकारिक X अकाउंट: x.com/AmitShah/status/2116887850549735584, 2116888280134255088, 2116924573770027258
- गृह मंत्रालय (HMO India) का आधिकारिक X अकाउंट: x.com/HMOIndia/status/2116906863690432644
- DD News (प्रसार भारती) का आधिकारिक X अकाउंट: x.com/DDNewslive/status/2116934923466768828, 2116903007036277151








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