RBI G-Sec underwriting result आज, 6 नवंबर 2026 को जारी हो गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की प्रेस रिलीज 2026-2027/1456 के मुताबिक ₹36,000 करोड़ की दो सरकारी प्रतिभूतियों (G-Sec) की पूरी रकम Primary Dealers (PD) ने underwrite कर ली है। 7.06% GS 2041 पर Additional Competitive Underwriting (ACU) कमीशन कट-ऑफ 0.74 पैसे प्रति ₹100 और 7.43% GS 2076 पर 1.14 पैसे प्रति ₹100 तय हुआ। नीचे सिर्फ RBI के आधिकारिक आंकड़े हैं; कोई अनुमान या निवेश सलाह नहीं।
कल 5 नवंबर को RBI ने ही घोषणा की थी कि शुक्रवार को ₹36,000 करोड़ की underwriting नीलामी होगी और उसी दिन बॉन्ड की बिक्री नीलामी भी। आज सुबह underwriting का नतीजा आ गया। बिक्री नीलामी के cut-off भाव/यील्ड अभी प्रेस लिस्ट पर नहीं हैं; जैसे ही RBI “Government Stock – Full Auction Results” जारी करेगा, उसी आधिकारिक आंकड़े से अपडेट किया जा सकता है।
आज की underwriting नीलामी में क्या निकला
| बॉन्ड | नोटिफाइड (₹ करोड़) | MUC (₹ करोड़) | ACU स्वीकार (₹ करोड़) | कुल underwrite (₹ करोड़) | ACU कमीशन कट-ऑफ (पैसे/₹100) |
|---|---|---|---|---|---|
| 7.06% GS 2041 | 23,000 | 11,508 | 11,492 | 23,000 | 0.74 |
| 7.43% GS 2076 | 13,000 | 6,510 | 6,490 | 13,000 | 1.14 |
| कुल | 36,000 | 11,508+6,510* | — | 36,000 | — |
*MUC कॉलम में कुल जोड़ RBI टेबल में अलग से नहीं छपा; दोनों बॉन्ड की MUC रकम क्रमशः ₹11,508 करोड़ और ₹6,510 करोड़ है। टेबल की बाकी हर लाइन सीधा RBI प्रेस रिलीज 1456 से है। अजित प्रसाद, डिप्टी जनरल मैनेजर (कम्युनिकेशंस) ने रिलीज पर हस्ताक्षर किए हैं।

RBI G-Sec underwriting result में MUC और ACU क्या हैं
Underwriting का मतलब है कि अगर बिक्री नीलामी में कोई बॉन्ड पूरा नहीं बिका, तो Primary Dealers उस बचे हिस्से को खुद उठा लेंगे। RBI की 14 नवंबर 2007 वाली underwriting स्कीम के तहत हर PD के लिए दो हिस्से तय होते हैं। पहला Minimum Underwriting Commitment (MUC) — यह हर PD पर बाध्यकारी न्यूनतम हिस्सा है। दूसरा Additional Competitive Underwriting (ACU) — इसमें PD कमीशन की दर बताकर अतिरिक्त हिस्सा underwrite करने की बोली लगाते हैं।
5 नवंबर की घोषणा (प्रेस रिलीज 2026-2027/1445) में RBI ने प्रति PD आंकड़े भी दिए थे: 7.06% GS 2041 पर MUC ₹548 करोड़ प्रति PD और ACU में न्यूनतम बोली भी ₹548 करोड़; 7.43% GS 2076 पर दोनों ₹310 करोड़। आज के नतीजे में कुल MUC 2041 वाले बॉन्ड पर ₹11,508 करोड़ और 2076 वाले पर ₹6,510 करोड़ निकला, और ACU में क्रमशः ₹11,492 करोड़ व ₹6,490 करोड़ स्वीकार हुए। दोनों बॉन्ड की नोटिफाइड रकम 100% underwrite हो गई।
ACU नीलामी multiple price-based method से हुई। PD ने आज सुबह 9:00 से 9:30 बजे के बीच e-Kuber पर बोली डाली थी (घोषणा के अनुसार)। कमीशन PD के RBI करेन्ट अकाउंट में बॉन्ड जारी होने वाले दिन जमा होगा।
कमीशन कट-ऑफ का सादा मतलब
ACU कमीशन कट-ऑफ “पैसे प्रति ₹100” में आता है। यानी 7.06% GS 2041 पर 0.74 पैसे प्रति ₹100 फेस वैल्यू, और लंबे 2076 वाले बॉन्ड पर 1.14 पैसे प्रति ₹100। लंबी अवधि वाले बॉन्ड पर थोड़ा ऊंचा कट-ऑफ सामान्य बाजार व्यवहार से मेल खाता है, लेकिन यह कोई भविष्यवाणी नहीं — सिर्फ आज का आधिकारिक नतीजा है। आम रिटेल निवेशक को यह कमीशन नहीं मिलता; यह PD की underwriting सेवा के बदले का भुगतान है।
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बिक्री नीलामी आज ही, Retail Direct का रास्ता अलग
RBI ने साफ लिखा है: “Auction for the sale of securities will be held on November 06, 2026.” यानी underwriting नतीजे के बाद उसी दिन बॉन्ड की असली बिक्री नीलामी भी होनी है। आम निवेशक PD की underwriting बोली में हिस्सा नहीं लेते। उनके लिए रास्ता RBI Retail Direct G-Sec auction वाला है — RDG खाते से गैर-प्रतिस्पर्धी (non-competitive) बोली, जिसमें सिर्फ रकम बताई जाती है और बॉन्ड competitive बोलियों के weighted average price पर मिलते हैं।

नियम के मुताबिक हर बॉन्ड की नोटिफाइड रकम का अधिकतम 5% गैर-प्रतिस्पर्धी हिस्से में जा सकता है। रुपये में हिसाब TimeTrolls.in का है: 2041 वाले बॉन्ड पर करीब ₹1,150 करोड़ तक और 2076 वाले पर करीब ₹650 करोड़ तक। यह कोटा हमेशा भर ही जाए, इसकी गारंटी नहीं; पिछली नीलामियों में रिटेल हिस्सा अक्सर काफी कम भरा था (हमारी 4 नवंबर वाली रिपोर्ट में विस्तार)। ब्याज दरों का बड़ा माहौल समझने के लिए RBI MPC मिनट्स और बैंक FD दरों के लिए अक्टूबर 2026 FD ब्याज दर रिपोर्ट देखें।
रिटेल निवेशक किन तीन बातों पर नज़र रखे
- आज का underwriting नतीजा PD के लिए है: पूरी ₹36,000 करोड़ रकम underwrite हो चुकी है, इसलिए बिक्री नीलामी में मांग कम रहने पर भी इश्यू पूरा उठने का ढांचा तैयार है। यह खुद-ब-खुद अच्छे या बुरे cut-off भाव की गारंटी नहीं देता।
- आपका भाव बाद में तय होगा: गैर-प्रतिस्पर्धी बोली का असली भाव “Weighted Average Price” लाइन से आएगा, जो RBI के Full Auction / Cut-off नतीजे में छपता है। अभी वह प्रेस लिस्ट पर नहीं है, इसलिए कोई काल्पनिक यील्ड न मानें।
- जोखिम और अवधि अलग हैं: 2041 वाला बॉन्ड करीब 15 साल और 2076 वाला करीब 49 साल का है। मैच्योरिटी से पहले बेचने पर बाजार भाव मिलेगा; FD जैसा तय तोड़-मूल्य नहीं। बैंक FD से सीधे तुलना करने से पहले अवधि और मार्केट रिस्क दोनों समझ लें।

अगर आपके पास पहले से RDG खाता है और आपने आज की नीलामी में बोली लगाई है, तो RBI/पोर्टल की आधिकारिक अधिसूचना और सेटलमेंट तारीख का इंतजार करें। नया खाता खोलने में KYC समय ले सकता है; जल्दबाजी में किसी अनौपचारिक “टिप” पर भरोसा न करें। बाजार के रोज़ के मूड के लिए 3 नवंबर सेंसेक्स-निफ्टी रिपोर्ट भी उपयोगी संदर्भ है।
संक्षेप में: आज का RBI G-Sec underwriting result बताता है कि 7.06% GS 2041 (₹23,000 करोड़) और 7.43% GS 2076 (₹13,000 करोड़) दोनों 100% underwrite हो गए, ACU कट-ऑफ क्रमशः 0.74 और 1.14 पैसे प्रति ₹100 है, और बिक्री नीलामी उसी दिन होनी है। रिटेल निवेशक के लिए अगला आधिकारिक आंकड़ा cut-off/पूर्ण नीलामी नतीजा होगा — उसी पर WAP और अलॉटमेंट निर्भर करते हैं।
आंकड़े: RBI प्रेस रिलीज 2026-2027/1456 (6 नवंबर 2026, Result of Underwriting Auction) और 2026-2027/1445 (5 नवंबर 2026, Underwriting Auction घोषणा)। हस्ताक्षर: अजित प्रसाद, DGM (Communications)। आंकड़े 6 नवंबर 2026 दोपहर तक के; Full Auction cut-off इस लेख के लिखे जाने तक प्रेस लिस्ट पर नहीं था।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है, यह निवेश सलाह नहीं है। किसी भी बॉन्ड को खरीदने या बेचने की सिफारिश यहां नहीं की गई है। सरकारी बॉन्ड में भी मैच्योरिटी से पहले बेचने पर बाजार का जोखिम होता है। निवेश से पहले RBI की आधिकारिक प्रेस रिलीज और Retail Direct पोर्टल की शर्तें खुद पढ़ें; जरूरत हो तो पंजीकृत सलाहकार से बात करें। कोई अफिलिएट लिंक नहीं।








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