छत्तीसगढ़ के तीन नगरीय निकायों रायपुर, बिलासपुर और बिल्हा को स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए चुना गया है। राज्य के जनसंपर्क विभाग (DPR छत्तीसगढ़) की 7 नवंबर 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 11 नवंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले राष्ट्रीय सम्मान समारोह में इन तीनों शहरों को पुरस्कृत करेंगी। आकाशवाणी समाचार ने भी 8 नवंबर की सुबह यह जानकारी प्रसारित की है।
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर चयन की औपचारिक सूचना दी है। विज्ञप्ति के अनुसार मंत्रालय के सचिव श्री सतेंद्र सिंह ने राज्य में चल रही स्वच्छता गतिविधियों और नागरिक भागीदारी की सराहना की है। यह स्वच्छ सर्वेक्षण का दसवां संस्करण है।
एक नज़र में: अब तक क्या तय है
| बिंदु | आधिकारिक जानकारी |
|---|---|
| चयनित निकाय | रायपुर, बिलासपुर, बिल्हा (नगर पंचायत, बिलासपुर जिला) |
| सर्वेक्षण | स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 (दसवां संस्करण) |
| समारोह | 11 नवंबर 2026, विज्ञान भवन, नई दिल्ली |
| पुरस्कार देंगी | राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु |
| मौजूद रहेंगे | केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल, राज्य मंत्री श्री तोखन साहू |
| थीम | स्वच्छता की नई पहल – बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ |
| मंच पर | हर पुरस्कृत शहर से चार प्रतिनिधि |
एक बात साफ रहनी चाहिए: DPR की विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया है कि तीनों शहरों को किस श्रेणी में और कौन-सी रैंक मिली है। आमतौर पर शहरवार रैंकिंग और श्रेणियाँ समारोह के दिन ही सार्वजनिक होती हैं। इसलिए जब तक मंत्रालय आधिकारिक सूची जारी न करे, किसी भी “नंबर-1” या रैंक वाले दावे को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।
सफाई मित्रों को मिलेगा मंच
इस बार के समारोह की सबसे अलग बात यह है कि पुरस्कार केवल अफसर या जनप्रतिनिधि नहीं लेंगे। मंत्रालय ने राज्य और चयनित शहरों के प्रतिनिधिमंडल में सफाई मित्रों, स्वच्छता निरीक्षकों, पर्यवेक्षकों, अभियंताओं और स्वच्छता मिशन से जुड़े लोगों को शामिल करने को कहा है। हर पुरस्कृत शहर से चार प्रतिनिधि मंच पर जाकर सम्मान ग्रहण करेंगे।
यह बदलाव छोटा दिखता है, लेकिन मायने बड़े हैं। किसी भी शहर की सफाई रैंकिंग के पीछे वे कर्मचारी होते हैं जो सुबह सबसे पहले सड़कों पर उतरते हैं, घर-घर से कचरा उठाते हैं और नालियाँ साफ करते हैं। राष्ट्रीय मंच पर उनकी मौजूदगी इस काम की सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने की दिशा में एक संकेत मानी जा सकती है।
मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीनों शहरों के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों और सफाई मित्रों को बधाई दी। DPR के अनुसार उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के हाथों छत्तीसगढ़ के तीन शहरों का सम्मानित होना “पूरे प्रदेश के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है।” उन्होंने यह भी कहा कि “स्वच्छता की जिम्मेदारी केवल नगरीय निकायों या सफाई कर्मचारियों की नहीं, बल्कि हम सभी की है।”
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने इसे नगरीय प्रशासन के लिए उत्साह बढ़ाने वाली उपलब्धि बताया। विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने कहा कि स्वच्छता “किसी विशेष अभियान या सर्वेक्षण की अवधि तक सीमित न रहे”, बल्कि शहरों की नियमित कार्यसंस्कृति और नागरिकों की दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बने। उनका मानना है कि यह सम्मान प्रदेश के दूसरे नगरीय निकायों को भी बेहतर काम के लिए प्रेरित करेगा।
पिछला रिकॉर्ड: 2024-25 में भी चमके थे ये नाम
यह पहली बार नहीं है जब इन शहरों का नाम राष्ट्रीय सूची में आया हो। DPR छत्तीसगढ़ की 17 जुलाई 2025 की विज्ञप्ति के अनुसार स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में राज्य के कुल सात नगरीय निकाय पुरस्कृत हुए थे और वह समारोह भी विज्ञान भवन में राष्ट्रपति के हाथों हुआ था। तब के प्रमुख नतीजे इस तरह थे:
- बिल्हा – 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में देश में पहला स्थान
- बिलासपुर – 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में देश में दूसरा स्थान
- कुम्हारी – 20 से 50 हजार आबादी वाले शहरों में तीसरा स्थान
- अंबिकापुर, पाटन, विश्रामपुर – नई श्रेणी ‘स्वच्छता सुपर लीग’ में जगह
- रायपुर – राज्य का ‘प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर’ पुरस्कार
‘स्वच्छता सुपर लीग’ उन शहरों के लिए बनाई गई थी जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में रहे हों और मौजूदा वर्ष में शीर्ष 20 में हों। यानी बिल्हा और बिलासपुर इस बार लगातार दूसरे साल राष्ट्रीय मंच पर होंगे, जबकि रायपुर के लिए यह राज्य-स्तरीय पहचान से आगे बढ़ने का मौका है। 2025-26 में इनकी श्रेणी क्या होगी, यह 11 नवंबर को साफ होगा।
बिल्हा क्यों खास है
बिल्हा, बिलासपुर जिले की एक नगर पंचायत है। रायपुर राजधानी है और बिलासपुर राज्य का बड़ा शहर, ऐसे में एक छोटे निकाय का लगातार राष्ट्रीय सूची में आना यह दिखाता है कि सफाई का स्तर बजट या आबादी के आकार से ज्यादा नियमित व्यवस्था, निगरानी और लोगों के सहयोग पर निर्भर करता है। स्वच्छ सर्वेक्षण में शहरों की तुलना आबादी की श्रेणियों में होती है, इसलिए छोटे शहरों को भी बड़े शहरों जितनी ही गंभीरता से आंका जाता है।
सर्वेक्षण इस बार कैसे हुआ
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 के सर्वेक्षण में नागरिकों के फीडबैक का वेटेज बढ़ाया गया और लोग ऐप, पोर्टल और क्यूआर कोड के जरिए सालभर राय दे सकते थे। रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 3,000 से ज्यादा प्रशिक्षित मूल्यांकनकर्ताओं ने 45 दिन का मैदानी सर्वेक्षण किया और जाँच के लिए जीपीएस आधारित डिजिटल निगरानी रखी गई। ये तकनीकी बिंदु मंत्रालय की पूरी रिपोर्ट आने पर और स्पष्ट होंगे।
आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब
राष्ट्रीय पुरस्कार किसी शहर के लिए गर्व की बात है, पर असली कसौटी रोज की व्यवस्था है। सर्वेक्षण में नागरिक फीडबैक की बड़ी भूमिका होती है, इसलिए घर पर गीला और सूखा कचरा अलग रखना, सार्वजनिक जगहों पर कचरा न फेंकना और कचरा गाड़ी के समय का पालन करना सीधे अपने शहर की रैंक पर असर डालता है। दीपावली के बाद पटाखों और सजावट का कचरा भी बढ़ता है, ऐसे में अगले कुछ दिन नगर निगमों की सफाई व्यवस्था के लिए भी परीक्षा के होंगे।
अब नज़र 11 नवंबर के समारोह पर है, जहाँ मंत्रालय की ओर से देशभर के पुरस्कृत शहरों की पूरी सूची और श्रेणियाँ सामने आने की उम्मीद है। TimeTrolls उस दिन आधिकारिक सूची आने पर यह खबर अपडेट करेगा।
यह जानकारी 8 नवंबर 2026, शाम 4 बजे (IST) तक की है। स्रोत: DPR छत्तीसगढ़ की विज्ञप्ति (7 नवंबर 2026), DPR छत्तीसगढ़ विज्ञप्ति (17 जुलाई 2025), आकाशवाणी समाचार (8 नवंबर 2026), दैनिक भास्कर, अमर उजाला, दैनिक जागरण।

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