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दुर्ग में SIR के समर्थन में भाजपा की पदयात्रा, जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर साधा निशाना

दुर्ग में शुक्रवार को भाजपा ने SIR के समर्थन में "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" पदयात्रा निकाली। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में कांग्रेस और राहुल गांधी पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष 1 नवंबर की दिल्ली रैली की तैयारी में है।

दुर्ग में भाजपा की SIR समर्थन पदयात्रा, ग्राफिक
दुर्ग में "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" पदयात्रा (ग्राफिक: timetrolls.in)

मुख्य बातें

  • महेश कॉलोनी से महेश चौक तक पदयात्रा
  • नड्डा ने मंच से क्या कहा
  • EVM, MLC नतीजे और SIR का इतिहास
  • भाजपा जनता को क्या समझाना चाहती है

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर देश में चल रही सियासी खींचतान शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के दुर्ग तक पहुंच गई। 30 अक्टूबर 2026 को भाजपा ने यहां “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” अभियान के तहत SIR के समर्थन में पदयात्रा और सभा की, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। सभा में नड्डा ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

यह कार्यक्रम ऐसे समय हुआ है जब कांग्रेस के नेतृत्व वाला INDIA गठबंधन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली की तैयारी कर रहा है। दैनिक जागरण के मुताबिक भाजपा का दुर्ग कार्यक्रम इसी रैली से पहले SIR पर अपना पक्ष जनता के सामने रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के मकसद से रखा गया था।

महेश कॉलोनी से महेश चौक तक पदयात्रा

दैनिक भास्कर के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत महेश कॉलोनी में सभा से हुई, जिसके बाद करीब एक किलोमीटर की पदयात्रा महेश चौक तक निकाली गई। हरिभूमि ने लिखा कि यात्रा तय मार्ग से होते हुए महेश चौक पहुंची और वहां सभा के साथ इसका समापन हुआ। मुख्यमंत्री के साथ वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक रिकेश सेन और जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन समेत कई स्थानीय नेता मौजूद रहे।

कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन ने दिन में दुर्ग शहर में भारी और मध्यम मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाई थी। दोपहर 12 से 2 बजे के बीच नो-एंट्री में मिलने वाली सामान्य छूट भी शुक्रवार को नहीं दी गई। भास्कर ने यह भी बताया कि शुरुआत में अच्छी भीड़ थी, लेकिन भाषण के दौरान कई लोग बाहर जाने लगे, जिन्हें गेट पर रोका गया।

नड्डा ने मंच से क्या कहा

टाइम्स नाउ नवभारत की रिपोर्ट के मुताबिक नड्डा ने कहा कि कुछ लोग “कुत्सित प्रयास करके” चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और संवैधानिक संस्थाओं को डरा-धमकाकर अपना हित साधना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश को अराजकता से बचाने और इसके लिए जन जागरण की जरूरत है।

चुनाव आयोग पर उठ रहे सवालों के संदर्भ में नड्डा ने स्कूल का उदाहरण दिया और राहुल गांधी पर टिप्पणी की। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा:

आपने बचपन में देखा होगा कि स्कूल में जो बच्चा कभी-कभी पास हो जाता था, वो कहता था मैं बड़ा होशियार हूं और जब फेल होता था तो बोलता था मास्टर खराब है। यही हाल राहुल बाबा का है। कभी चुनाव जीत जाएं तो बड़े होशियार और लगातार हारें तो चुनाव आयोग खराब।

जेपी नड्डा, दुर्ग (टाइम्स नाउ नवभारत के अनुसार)

नड्डा ने इमरजेंसी का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग आज लोकतंत्र की बात करते हैं, सबको पता है कि लोकतंत्र को किसने कटघरे में खड़ा किया और इमरजेंसी किसने लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरजेंसी के दौरान कांग्रेस सरकार ने करीब 1.30 लाख लोगों को बिना किसी केस के दो साल तक जेल में रखा था।

EVM, MLC नतीजे और SIR का इतिहास

EVM के मुद्दे पर नड्डा ने कहा कि विपक्ष कभी EVM हटाकर बैलेट पेपर की मांग करता है और फिर हार का दोष दूसरी चीजों पर डालता है। उन्होंने हाल में आए 28 MLC सीटों के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस को बहुत कम सफलता मिली और कर्नाटक में, जहां उसकी सरकार है, चार सीटों में से एक भी नहीं मिली। द क्विंट के आंकड़ों के मुताबिक इन चुनावों में NDA ने 28 में से 15 सीटें जीतीं, जबकि महाराष्ट्र में कांग्रेस और NCP (SP) का प्रदर्शन अच्छा रहा और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को बढ़त मिली। यानी नतीजों की तस्वीर अलग-अलग राज्यों में अलग रही।

SIR पर नड्डा का तर्क था कि देश में अब तक 12 बार ऐसा पुनरीक्षण हुआ है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासन में और सिर्फ दो बार भाजपा के समय, एक बार अटल बिहारी वाजपेयी और अब नरेंद्र मोदी सरकार में। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान और संस्थाओं का सम्मान करती है। पदयात्रा के दौरान मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के आरोप सही नहीं हैं और उसने SIR को लेकर लोगों में सिर्फ भ्रम फैलाया है।

भाजपा जनता को क्या समझाना चाहती है

भाजपा का कहना है कि इस अभियान का मकसद मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने की जरूरत समझाना है। पार्टी के मुताबिक हर पात्र नागरिक का नाम सूची में होना चाहिए और अपात्र नाम तय नियमों के तहत हटाए जाने चाहिए। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे SIR की प्रक्रिया की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाएं ताकि कोई भ्रम न रहे। कार्यक्रम से पहले हुई तैयारी बैठक में सांसद विजय बघेल ने भी कहा था कि लोकतंत्र मजबूत रखने के लिए मतदाता सूची का सही होना जरूरी है।

छत्तीसगढ़ में SIR पहले से राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा है। प्रदेश की ड्राफ्ट सूची से बड़ी संख्या में नाम कटने पर कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले भी तीखी बयानबाजी हो चुकी है, जिस पर timetrolls.in ने यह रिपोर्ट प्रकाशित की थी। सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई का ब्योरा इस रिपोर्ट में पढ़ा जा सकता है।

विपक्ष का पक्ष और दिल्ली की हलचल

दुर्ग में नड्डा के बयानों पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जवाब का इंतज़ार है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष का रुख साफ है। द हिंदू के मुताबिक शुक्रवार को दिल्ली में INDIA गठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि SIR में बड़ी संख्या में लोगों के नाम कट रहे हैं और इसे लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह दूसरे राज्यों से रैली में आने वालों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना प्रतीकात्मक “पब्लिक इम्पीचमेंट” कार्यक्रम बारिश के कारण शुक्रवार से टालकर 31 अक्टूबर दोपहर कर दिया है। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर रैली प्रस्तावित है।

उधर लखनऊ में अमित शाह ने भी शुक्रवार को विपक्ष पर पलटवार किया। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार शाह ने कहा कि सरकार “वोट चोरी” के आरोपों पर संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है, लेकिन उनके मुताबिक राहुल गांधी संसद में चर्चा के बजाय सड़क पर विरोध चाहते हैं। शाह ने चुनाव आयोग पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया।

इस पूरे घटनाक्रम को कैसे देखें

दुर्ग की पदयात्रा को अकेले कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि SIR पर चल रही राष्ट्रीय लड़ाई के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ विपक्ष इसे मतदाताओं के नाम काटने की प्रक्रिया बताकर सड़क पर उतर रहा है, दूसरी तरफ भाजपा जगह-जगह पदयात्राओं और जन जागरण के जरिए इसे जरूरी और कानूनी प्रक्रिया बता रही है। कर्नाटक में भी भाजपा ने 1 नवंबर से इसी नाम से एक महीने का युवा अभियान घोषित किया है।

छत्तीसगढ़ में दुर्ग का चुनाव अहम है, क्योंकि यह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह जिला है और यहां से कांग्रेस और भाजपा दोनों की बड़ी राजनीति चलती है। ऐसे में मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व की एक साथ मौजूदगी को भाजपा की ओर से सियासी संदेश के तौर पर भी पढ़ा जा रहा है।

आगे किन बातों पर नजर रहेगी

  • नड्डा के बयानों पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस और दीपक बैज या भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया।
  • 31 अक्टूबर को INDIA गठबंधन का “पब्लिक इम्पीचमेंट” कार्यक्रम और 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली।
  • अमित शाह के विशेष सत्र वाले प्रस्ताव पर विपक्ष का जवाब।
  • सुप्रीम कोर्ट में SIR से जुड़े मामलों की अगली सुनवाई।

वीडियो स्रोत: J P Nadda (YouTube) | मूल वीडियो देखें

इस रिपोर्ट के तथ्य और बयान इन मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं: टाइम्स नाउ नवभारत, हरिभूमि, दैनिक भास्कर, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, द हिंदू, हिंदुस्तान टाइम्स, द क्विंट।

Bharat Hirwani

भरत हिरवानी TimeTrolls के संस्थापक और संपादक हैं। वे B.Tech (मैकेनिकल) और MBA (ऑपरेशंस) हैं और 4+ साल से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। TimeTrolls पर वे देश, खेल, टेक और रोज़गार से जुड़ी खबरें तथ्यों की जांच के बाद सरल हिंदी में प्रकाशित करते हैं।

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